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bones of upper limb

bones of upper limb

HUMERUS

Position & Structure

यह upper limb की सबसे long , big bone है।

इस bone में दो Ends तथा एक Shaft होता है।

1. Upper end of humerus

humerus के upper end में Head , Neck , Greater tubercle तथा Lesser tubercle रचनाएँ स्थित होती है

  • (A) Head of humerus :- इसका head 1/3 Rounded होता है तथा scapula की Glenoid cavity में Fit रहता है तथा Shoulder joint बनाता है।
  • (B) Neck of humerus :- head के तुरन्त नीचे का part कुछ narrow होता है जो Neck कहलाता है।
  • (C) Greater & Lesser tuberosity :- Neck के नीचे दो उभार होते हैं। first उभार थोड़ा big होता है और upper end के बाहर की ओर होता है उसे Greater tuberosity कहते है तथा Lesser tuberosity कहलाता है।
  • (D) Bicipital Groove :- Greater तथा Lesser Tuberosity के मध्य एक Groove होती है जिसे Bicipital groove कहते हैं। इससे Biceps Muscle की Tendon जुड़ी होती है।

Important note :- उभारों के नीचे यह humerus bone थोड़ी narrow होती है जहा Fractured होने की अधिक संभावना रहती है। अतः इस part को Surgical neck कहते हैं।

2. Shaft of humerus

  • shaft humerus bone का Cylindrical middle part होता है, जिसके ऊपर Upper end तथा नीचे Lower end होता है।
  • यह part नीचे की तरफ Flat होता हैं इसके Lateral part में कुछ उभार होते हैं , जिसे Rough tubercle कहते हैं यहीं पर Deltoid muscle जुड़ती है।
  • shaft के इस surface stage एक Groove होती है जिसे Radial groove कहते हैं जिसमें से होकर Radial nerve गुजरती है।

3. Lower end of humerus

  • यह humerus का नीचे का broad and flat part होता है।
  • इसके lower part में forearm की Bones से joint के लिए Joint surface होता है।
  • इस joint के surface का intermediate part Trochlea तथा lateral part Capitulum कहलाता है। Trochlea UIna Bone से जुड़ा होता है तथा Capitulum Radius bone से जुड़ता है।
  • humerus bone के lower end के Joint surface के दोनों ओर muscles से जुड़ने के लिए दो epicondyle होते हैं। जिन्हें Lateral तथा Medial epicondyle कहते हैं।

ULNA BONE

Position & Structure

  • यह Forearm की bone है, जो Radius bone से long होती है।
  • ulna bone का शीर्ष Lower end पर स्थित होता है।
  • ulna bone में दो Ends तथा एक Shaft होता है।

1. Upper end of ulna bone

यह hard तथा मोटा end होता है।

Elbow Joint इसी end पर बनती है। इस end में निम्न दो process होते हैं-

(A) coronoid process :- जब elbow को मोड़ते हैं तब यह process humerus bone के coronoid Fossa में fit रहता है। ये process olecranon process से थोड़ा small होता है।

(B) Olecranon Process:- यह process पीछे से ऊपर की ओर निकला हुआ दीखाई देता है जो elbow को सीधी position में humerus bone के olecranon fossa में fit होता है।

2. Shaft of ulna bone

  • shaft ulna bone का middle part बनाता है।
  • ह lower end की ओर narrow हो जाता है।
  • Wrist तथा fingers की movement करने वाली muscles shaft से जुड़ी रहती है।
  • इसके अलावा shaft में Lateral , posterior तथा anterior three Border स्थित होते हैं।

3. Lower end of ulna bone

  • यह ulna bone के upper end से थोड़ा small होता है।
  • इसमें दो process होते हैं।
  • एक small rounded process तथा दूसरा Styloid process । जिनमें ligament जुड़े रहते हैं।

RADIUS BONE

Position & Structure

radius bone Forearm की Lateral bone है। इसमें दो end तथा एक shaft होता है, जो निम्न है-

1. Upper End

  • radius bone का upper end small होता है जिसे Head कहते हैं।
  • यह button की shape जैसा दिखाई देता है।
  • यह part humerus bone के Capitulum से जुड़ा होता है।
  • head के नीचे radius bone की Neck स्थित होती है।
  • Neck के नीचे Radial tuburosity स्थित होती है जहा पर Biceps muscle जुड़ती है।

2. Shaft

  • यह radius bone का middle part होता है, जो lower end तक flat होता है।
  • यह बाहर की ओर से थोड़ा मुड़ा हुआ होता है तथा अनेक Surfaces में विभक्त रहता है।
  • ulna bone की तरह इसमें भी anterior surface तथा posterior surface पर muscle जुड़ी होती है।

3. Lower End

  • यह radius bone का broad part होता है।
  • इसका lower end Scaphoid bone तथा Lunate bone से जुड़कर wrist joint बनाता है।
  • इस end पर five surfaces स्थित होती है, जिसे Anterior , Posterior , Medial , Lateral तथा Inferior सतह कहते हैं।

CARPAL BONES

Position & Structure

  • carpal bones को Wrist bone भी कहते हैं।
  • ये wrist joint बनाती है।
  • ये bone प्रत्येक wrist में 8 होती है।
  • ये Irregular shaped की bones होती है, जो आपस में एक-दूसरे से जुड़ी होती है।
  • ये 8 bones दो Rows में स्थित होती है। प्रत्येक row में 4 bones होती है जो निम्न है-

(A) Proximal row :-

इस row में स्थित bones के नाम निम्न है__

  • 1. Scaphoid - इसका shape Boat जैसा होता है।
  • 2. Lunate - यह semi-lunar shape की होती है।
  • 3. Triquetral - यह Pyramid shape की होती है।
  • 4. Pisiform - यह pea के shape की होती है।

(B) Distal row:-

यह row में स्थित 4 bones निम्न हैं-

  • 1. Trapezium - यह quadrilateral shape की bone होती है।
  • 2. Trapezoid - यह shoes के shape की bone होती है।
  • 3. Capitate - यह थोड़ी round shape होती है।
  • 4. Hamate - यह Hooked shape की होती है।

METACARPAL BONES

Position & Structure

  • इन्हें Bones of palm भी कहते हैं।
  • ये प्रत्येक palm में 5 - 5 और कुल 10 होती है।
  • प्रत्येक bone में दो end तथा एक Shaft होता है।
  • इन bones का एक end carpal bones से तथा दूसरा end Phalanges से जुड़ा होता है।
  • अन्य bones की भांति इन bones में भी head , shaft तथा base होते हैं।

PHALANGES

  • इन bones को Finger's bone भी कहते हैं।
  • इनकी संख्या प्रत्येक hand में 14-14 होती है।
  • ये प्रत्येक finger में 3 तथा thumb में 2 होती है।
  • इन bones में भी एक shaft तथा दो Ends होते हैं।
  • ये bones metacarpal bones से आपस में जुड़ी होती है।


BONES OF THE LOWER LIMBS

BONES OF THE LOWER LIMBS

Pelvic Girdle

  • innominate bone pelvic girdle बनाने में सहायक होती है।
  • दोनों innominate bones सामने की ओर आपस में Pubic symphysis पर जुड़ी रहती है। ।
  • ये दोनों bones pelvic girdle का अधिकांश भाग बनाती हैं -
  • innominate bone एक चपटी अस्थि होती है।
  • जो एक दूसरे से acetabulum पर जुड़ती है, जहाँ femur का head fit होता है।
  • इसका निर्माण three bones से होता है।
  • यह acetabulum से जुड़ती है।
  • acetabulum के external surface पर cup के shape की एक cavity होती है।

innominate निम्नलिखित bone part से बना होता है-

1. Ilium

इसके निम्न part होते हैं-

a. two surfaces

b. Crest

c. Sacrum

  • यह curved होती है।
  • इसका upper expand part Iliac crest कहलाता है।
  • इसमें Abdominal muscles तथा Latissimus dorsi मुख्य muscle जुड़ती है।
  • यह bone एक point पर समाप्त होती है।
  • इसे Anterior iliac spine भी कहा जाता है। पीछे यह bone Posterior iliac spine में समाप्त होती है।
  • दो Posterior spine के बीच का पृष्ठ secrum के लिए joint surface बनाता है।
  • इन joint के नीचे Greater sciatic notch स्थित होता है।
  • जिससे greater Sciatic nerve pelvic से thigh में enter होती है।

2. Pubis

  • यह innominate bone का Lower part होता है।
  • यह एक body तथा दो Ramus की बनी होती है।
  • Body square होती है।
  • pubis bones Pubic symphysis पर जुड़ी रहती है।
  • जिसमें कुछ movement पायी जाती है।

3. Ischium

  • यह bone का सबसे Hard part है।
  • ischium की tuberosity सबसे नीचे स्थित होती है।
  • बैठते समय Trunk इस पर टिकता है।
  • Obturator foramen द्वारा ischium और pubis से अलग रहती है।

Obturator Foramen

  • यह acetabulum के नीचे स्थित बड़ा elliptical hole होता है।
  • इसकी girth pubis तथा ischium द्वारा बनती हैं
  • यह एक membrane द्वारा fill रहता है।

Acetabulum

  • यह एक cup की shape की Cavity है।
  • यह तीन bones की joints द्वारा बनती है।
  • pubis का anterior part बनाती है।
  • ilium upper part बनाती है।
  • ischium posterior का part बनाती है।
  • acetabulum femur से जुड़कर Hip Joint बनाता है।

Femur

  • femur body की सबसे strong तथा long bone है।
  • इसे Thigh bone भी कहते हैं।
  • यह ऊपर से acetabulum के साथ जुड़कर Hip joint बनाती है तथा नीचे tibia bone के साथ जुड़कर Knee joint बनाती है।
  • femur में एक Shaft तथा दो Ends होते हैं।

Upper end of femur

femur के upper end में Head , Neck , Greater throchenter रचनाएँ स्थित होती है जो निम्न हैं-

(A) Head of femur :-

femur का head Globular होता है।

यह pelvic bone में स्थित Acetabulum से जुड़कर Hip joint बनाता है।

(B) Neck of femur :-

Femur के head के नीचे neck स्थित होती है जो थोड़ी narrow होती है।

(C) Greater trochenter :-

यह femur bone के upper part में स्थित उभार होता है जो shaft से मिलता है।

(D) Lesser trochenter :-

यह थोड़ा सा तिरछापन लिये होता है जो femur की neck के पीछे स्थित होता है।

(E) Inter trochenter line :-

यह एक imaginary line होती है तो femur की neck के anterior surface से shaft तक स्थित होती है।

Shaft of femur

  • यह femur bone का मध्य Cylindrical part होता है।
  • यह part बीच में narrow तथा ऊपर तथा नीचे चौड़ा होता है।

Lower end of femur

  • यह femur bone का Expended part होता है।
  • यह tibia bone के साथ जुड़कर Knee joint बनाता है।
  • इसमें दो Condyle स्थित होते हैं जिन्हें Medial तथा Lateral Condyles कहते हैं।

(A) Lateral condyle :-

  • यह femur bone का flat part होता है।
  • यह Medial Condyle से small लेकिन strong होता है।

(B) Medial condyle :-

  • यह Convex होता है।
  • इसमें Prominent स्थित होते हैं जिन्हें epicondyle कहते हैं।
  • इन दोनों condyle से muscles जुड़ी होती है।
  • ये posterior surface पर Inter Condylar Fossa के द्वारा separate दिखाई देते हैं।

Fibula

  • इसे subfemur bone भी कहते है।
  • यह knee से ankle तक की बाहरी thin bone होती है।
  • यह ऊपर tibia bone तथा नीचे talus bone से जुड़ती है।

इसके निम्न part है-

Upper End of fibula

  • यह upper end fibula का शीर्ष बनाती है।
  • यह tibia के lateral condyle के posterior part से जुड़ती है।
  • यह Knee joint की रचना में भाग नहीं लेती है।

Shaft

  • यह fibula bone का middle part होता है।
  • narrow होता है तथा shins की muscles में दबा रहता है।

Lower End

  • यह ankle के बाहर की तरफ उभरा हुआ होता है।
  • fibula को residual bone माना जाता है।
  • इसे Shine bone भी कहते हैं।
  • यह नीचे talus bone से जुड़ता है।

Tibia

  • tibia leg की Important bone है।
  • यह Fibula के medially स्थित होती है।
  • यह एक Shaft तथा two Condyle ends वाली long bone है।

Upper end

  • इसमें Medial तथा Lateral condyle होते हैं।
  • condyle bone का ऊपरी तथा सबसे अधिक broad part बनाते हैं।
  • इसके surface smooth होते हैं।
  • इनके flat surface पर Semilunar cartilage स्थित होते हैं।
  • Lateral condyle के पीछे एक blade होता है।
  • tibia का tubercles सामने condyles के नीचे स्थित होता है।
  • इसके upper part में Patellar tendon जुड़ती है।

Shaft

  • इस bone का Cross section cutting त्रिकोणाकार (Trigular) होता है।
  • इसका अगला किनारा अधिक उभरा होता है।
  • यह part tibia का Crest बनाता हैं tibia का यह Part Bone Graft होता है।
  • इसके posterior surface पर Ridge होती है जो solial line कहलाता है।

Lower end

  • tibia का lower end Ankle joint बनाता हैं यह फैला हुआ होता है।
  • tibia का front part smooth होता है।

Patella

  • यह एक sesamoid type की bone है।
  • patella का apex नीचे की ओर होता है तथा Base ऊपर की ओर होता है।
  • इसका anterior surface Rough होता है।
  • इसका posterior surface Smooth होता है।
  • femur के Lower End patellar से जुड़ता है।
  • यह bone Knee Joint के front स्थित होती है।

Tarsal bones

ये seven bones सामूहिक रूप से Tarsals कहलाती है। ये Small types of bone होती है।

ये bones three row में स्थित होती है-

1. proximal row

talus

  • यह bone foot का central तथा upper point बनाती है।
  • इसे Ankle bone भी कहते हैं।
  • यह tibia को support देती है।
  • नीचे calcaneus से जुड़ती है।

calcaneus

  • outer layer Compact tissue से बनती है।
  • खड़े होते समय body का weight वहन करती है।
  • यह Foot की सबसे big bone है।
  • यह foot के back part में स्थित होती है।
  • calf की अनेक muscles calcaneus tendon से जुड़ती है।
  • ऊपर की ओर talus तथा सामने Cuboid से जुड़ती है।
  • इसे Heel bone भी कहते हैं।

2. middle row

Nevicular bone

  • यह boat के shappe की bone है।
  • यह पीछे talus तथा सामने cuneiform bones के बीच स्थित होती हैं।

3. distal row

Cuneiform bones

  • ये three bones पीछे nevicular से तथा सामने three middle metatarsal bones से जुड़ती है।

Cuboid

  • यह foot के lateral में स्थित होती है।
  • यह calcaneus तथा सामने दो Metatarsal bone से जुड़ती है।

Metatarsal bone

  • Metatarsal bone संख्या में 5 होती है।
  • ये पीछे से tarsal bones तथा आगे से Phalanges से जुड़ी होती है।
  • ये एक shaft तथा दो end वाली long bones है।

Phalanges

  • ये प्रत्येक foot में संख्या में 14 होती है।
  • ये thumb में दो तथा fingers में 3 होती है।
  • इनका size हाथ की Phalanges से small होता है।


Shoulder girdle

APPENDICULAR SKELETON

Introduction

Shoulder girdle , Bones of upper limbs , Pelvic girdle तथा Bones of lower limbs मिलकर appendicular skeleton का निर्माण करती है। जो निम्न प्रकार से है -

Shoulder girdle

CLAVICLE

Position & Structure

  • Clavicle bone को Collar bone भी कहते हैं।
  • यह long type की bone होती है, जिसमें दो Curve स्थित होते हैं।
  • यह bone Root of neck skin के ठीक नीचे स्थित होती है।

Clavicle bone में दो End होते हैं जो निम्न है-

(A) Sternal ends :- Clavicle bone का यह end sternum end के manubrium से जुड़ा रहता है और Sterno clavicular joint बनाता है।

(B) Acromial End :- clavicle का यह दूसरा end होता है जो Scapulla bone के Acromial process से जुड़कर Acrominoclavicular joint बनाता है।

Features of clavicle bone :- Clavicle bone body की ऐसी first bone है जो सबसे पहले Ossified है।Clavicle bone में एक भी Medullary canal नहीं होती है।

SCAPULA

Position & Structure

Scapula को Shoulder blade भी कहते हैं। यह flat , triangular bone होती है, जो Shoulder blade का Posterior part बनाता है। यह 2nd rib से 7th rib तक फैली होती हैं।

इसमें निम्नलिखित structure पाई जाती है-

1. Three angles

(A) Superior angle :- यह angle trapezius muscle से जुड़ा होता है।

(B) Inferior angle :- यह angle latissimus dorsi muscle से जुड़ा होता है।

(C) Lateral angle :- Glenoid cavity इसी angle पर स्थित होती है जो humerus के साथ जुड़कर shoulder joint बनाती है।

2. Surface

scapula में निम्न two surface पाई जाती है-

(A) Anterior surface

(B) Posterior surface

3. Border

scapula में निम्न three border होते हैं-

(A) Superior border

(B) Lateral border

(C) Medial border

4. Process

scapula में निम्न three process होते हैं-

(A) Acromian process :- यह process clavicle bone से जुड़कर Acrominoclavicular joint बनाता है।

(B) Spine :- यह scapula के पीछे स्थित प्रवर्ध होता है इसे Spine of scapula भी कहते हैं।

(C) Coracoid process :- इस process से arm की, thorax की muscles तथा coracoclavicular ligament जुड़े होते हैं।


VERTEBRAL COLUMN

 VERTEBRAL COLUMN

  • vertebral column को Spine तथा Back Bone के नाम से भी जाना जाता है।
  • vertebral column 26 bones या Vertebrae से मिलकर बनी होती है।
  • इनकी shape english के word 'S' के समान होती है।
  • एक adult में vertebral column लगभग 60-70 cm long होती है। male में यह 70 cm तथा female में 60 cm होती है।

इनका classification तथा name उनकी position के अनुसार होता है जो निम्न प्रकार से है -

  • 7 Cervical Vertebrae - ये Neck Region बनाती है।
  • 12 Thoracic Vertebrae - ये Thorax का back part बनाती है।
  • 5 Lumbar Vertebrae - ये Lumbar Region बनाती है।
  • 5 Sacrum - ये जुड़कर sacrum बनाती है।
  • 4 Coccygeal - ये connect एक Coccygeal बनाती है।

प्रथम 24 vertebrae अलग-अलग होती हैं अन्तिम नौ vertebrae आपस में जुड़कर दो vertebrae बनाती है।

ऊपर की three regions की vertebrae lifetime isolated दिखती है तथा अन्तिम two regions की vertebrae जुड़कर sacrum तथा coccyx two vertebrae बनाती है।

REGIONS OF VERTEBRAL COLUMN

vertebral column को 5 regions में divide किया गया है जो निम्न है-

1. Cervical Region

  • 7 Vertebrae मिलकर cervical region बनाती है।
  • इन Vertebrae को C1 - C7 से प्रदर्शित या पहचाना जाता है।
  • 1st व 2nd Vertebrae को छोड़कर अन्य का विशेष आकार होता है।
  • 1st Vertebrae को Atlas तथा 2nd Vertebrae को Axis कहा जाता हैं अन्य Vertebrae में Body small तथा आयतन रूप में होती है।
  • इसका Lateral diameter antero-posterior diameter की अपेक्षा अधिक होता है।
  • cervical Vertebrae का spinous process छोर पर two part में divide होता है।
  • इनके transverse process पर hole होता है। इन hole से Vertebral artery गुजरती है।

(A) First Cervical Vertebrae or Atlas

  • यह head को Support प्रदान करने वाली First Cervical Vertebrae होती है।
  • यह नीचे से second Cervical Vertebrae से जुड़ी होती है जिसे Axis कहते हैं।
  • इस Vertebrae में Body तथा spinous process नहीं होता है। इसमें दो Transverse process तथा उनमें Transverse foramen स्थित होते हैं।
  • इनके मध्य में एक foramen होता है जिसे Vertebral foramen कहते हैं।

(B) Second Cervical Vertebra or Axis

  • यह Vertebrae अपने ऊपर स्थित Atlas Vertebrae के साथ जुड़कर Atlanto axial joint बनाता है।
  • इस joint में movement होती है जिससे head आसानी से इधर-उधर घुमता है।

2. Thoracic Region

  • 12 thoracic Vertebrae मिलकर Thoracic Region का निर्माण करती है।
  • इन्हें T1 - T12 द्वारा प्रदर्शित करते हैं।
  • ये cervical Vertebrae की अपेक्षा बड़ी होती हैं जब ये ऊपर से नीचे की ओर आती है तो इनका आकार बढ़ता जाता है।
  • इन Vertebrae की Body heart के shape के समान होती है।
  • इनके lateral में ribs से जुड़ने के लिए Facet होते हैं।
  • इनके Transverse process ribs को Support करते हैं।
  • इनमें स्थित Neural arch छोटा होता है।

3. Lumbar Region

  • यह 5 Vertebrae से मिलकर बना होता है।
  • यह सबसे बड़ी Vertebrae होता है।
  • इसे L1 - L5 द्वारा प्रदर्शित करते हैं।
  • इनकी Body अन्य Vertebrae की body की अपेक्षा large तथा circular होती है।
  • इनके Transverse process big होते हैं।
  • इनका Spinous process axe के shape जैसा होता है।
  • अन्तिम Vertebrae sacrum vertebrae से मिलकर Sacral joint बनाती है।

4. Sacrum

  • 5 sacrum Vertebrae मिलकर 1 sacrum का निर्माण करते हैं।
  • यह triangular shape की bone होती है।
  • यह ऊपर से lumbar Vertebrae तथा नीचे से Coccygeal Vertebrae से जुड़ी होती है।
  • इसे S1 - S5 से प्रदर्शित किया जाता है।
  • यह pelvic cavity का posterior part बनाती है।
  • sacrum का anterior वाला End Sacral promontary कहलाता है।
  • sacrum का posterior surface पर under-developed spinous process निकलता है।
  • इसके ऊपरी part की lateral पर Sacral Ala structure होती है।
  • sacrum lateral में ilium bone से जुड़कर Sacroiliac joint बनाती है।

5. Coccyx

  • four under-developed Vertebrae मिलकर coccyx का निर्माण करती हैं।
  • इसके lateral में Transverse process स्थित होता है।
  • यह ऊपर से sacrum से जुड़ी होती है।
  • इसे Tail bone भी कहते हैं।

Intervertebral disc

  • प्रत्येक Vertebrae अपनी पास वाली Vertebrae से isolate दिखाई देती है जिनके मध्य Intervertebral disc पाई जाती है।
  • यह disc Fibrocartilage तथा Soft gelatenous पदार्थ से बनी होता है।
  • यह cervical region में Thin तथा Lumbar Region में thick होती है।

function

  • इसका main function Vertebrae को movement प्रदान करना है।
  • Vertebrae को strongness provide करना है।

FUNCTIONS OF VERTEBRAL COLUMN

vertebral column के निम्नलिखित function है-

  • spinal cord को बाहरी आघातों से protection provide करती है।
  • यह body का weight वहन करती हैं
  • यह skull को support provide करती है।
  • body को movement provide करती है अर्थात् मुड़ने में help करती हैं
  • vertebral muscle से जुड़ने के लिए joint surface provide करती है।
  • यह ribs से जुड़ने के लिए स्थान देती है।



BONES OF SKELETAL SYSTEM

BONES OF SKELETAL SYSTEM

CLASSIFICATION OF SKELETAL SYSTEM

human body में 206 bones मिलकर skeleton system का निर्माण करती है। skeleton system को निम्नलिखित दो भागों में divide किया गया है।

1. Axial skeleton

इसमें कुल 80 bones होती है।

जिसमें head, trunk, skull, sternum, vertebrae and ribs सम्मिलित है।

2. Appendicular skeleton

इसमें कुल 126 bones होती है। इसमें upper limb की bones, Shoulder girdle , lower limb की bones तथा Pelvic girdle सम्मिलित है।

Bones of Axial skeleton

SKULL

skull bones से निर्मित बड़ी bony structure होती है। skull में Brain सुरक्षित रहता है। इसमें total 22 bones सम्मिलित है। जिनमें से 8 cranium तथा 14 face की bones होती है।

Bones of cranium

cranium एक बड़ी खोखली bony structure होती है। यह brain को cover के रूप में protection देती हैं, इसमें कुल 8 bones सम्मिलित है। cranium के base में अनेक छिद्र होते हैं, जिनमें nerve तथा blood vessels गुजरती है।

ये संख्या में 8 होती है जो निम्नलिखित है-

1. Frontal bone

  • frontal bone संख्या में दो होती है, जो कि एक flat shape की bone है।
  • यह cranium का सामने वाला भाग बनाती है, इसलिए इसे Fore head bone भी कहते हैं।
  • इसमें Airfilled cavity पाई जाती है, जिसे Air sinus कहते है।
  • frontal bone Orbital Cavity की roof का निर्माण करती है।
  • frontal bone में दोनों ओर दो उभार होते हैं जिन्हें Frontal Tuberosities तथा अन्य उभार एक-एक eyes के ऊपर स्थित होते हैं जिन्हें Supraorbital Ridges कहा जाता है।
  • birth time frontal bone के दो part होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे age में growth होती है दोनों part आपस में जुड़कर एक हो जाते हैं।

2. Temporal bone

  • Temporal bone संख्या में दो होती है। head के दोनों Sides में head के base पर स्थित होती है। 
  • Squamous Part flat एवं thin होता है इससे bone का upper part बनता है।
  • इसका upper part Parietal bone से, तथा सामने का Sphenoid bone एवं Mastoid process से जुड़ता है।
  • Temporal bone, face की Mandible bone के साथ जुड़कर Tempo-mandibular joint का निर्माण करती है।

इसके तीन भाग होते हैं-

(A) Squamous Part

(B) Petrous Part

(C) Mastoid Part

3. Parietal bone

  • Parietal bone संख्या में दो होती है।
  • यह skull की Roof तथा उसका Right तथा Left part बनाती है।
  • इस bone के मध्य में एक बड़ी Notch होती है, जिसमें Middle meningeal artery उपस्थित रहती है।
  • ये दोनों bones आपस में तथा अन्य cranium bones से निम्न Suture द्वारा जुड़ी रहती है।

(A) दोनों Parietal bones आपस में Sagittal Suture से।

(B) Parietal एवं frontal bone Coronal Suture से।

(C) Parietal एवं temporal bone Squamous Suture से।

(D) Parietal एवं occipital bone Lambdoidal Suture से।

4. Occipital bone

  • occipital bone को posterior cranial bone के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह skull के posterior part में स्थित होती है। संख्या में एक होती है।
  • इस bone के निचले सिरे पर एक Opening होती है, जिसे Foramen megnum कहते हैं।
  • Foramen magnum के दोनों और Condyles होते हैं जो 1st cervical vertebrae जिसे Atlas कहते हैं , के साथ मिलकर का Atlanto-occipital joint का निर्माण करते हैं।
  • इस foramen से होकर Spinal cord enter करती है।

5. Sphenoid bone

  • Sphenoid bone bat wings के shape जैसी दिखाई देती है जो संख्या में एक होती है। जो cranium के base का anterior part बनती है।
  • इसमें एक Body तथा दो बड़े और दो छोटे wings होते हैं।
  • Body में एक notch like structure स्थित होती है, जिसे sella turcica या hypophyseal fossa कहते हैं। pituitary gland इस स्थान पर पाई जाती है।

Sphenoid Bone में निम्नलिखित महत्वपूर्ण Foramen स्थित होते हैं-

(A) Optic Foramen → इस Foramen के द्वारा Optic Nerve एवं Ophthalmic Artery orbital cavity में enter करती है।

(B) Foramen Rotundum/Foramen Ovale → इस Foramen से Trigeminal Nerve की branches निकलती है।

(C) Foramen Spinosum → इस Foramen से Middle Meningeal Artery निकलती है।

6. Ethamoid bone

  • Ethamoid bone हल्की spongy प्रकार की bone होती है जो संख्या में एक होती है।
  • यह Nasal Cavity की roof तथा anterior cranial groove एवं orbital cavity के बीच के floor का कुछ part बनाती है।
  • यह three part अथवा plate से मिलकर बनी होती है -

(A) Horizontal Cribiform Plate

(B) Median Perpendicular Plate

(C) Paired Laterd Labgyrinths

  • इस bone में small holes स्थित होते हैं जिनसे Olfactory Nerve nose से brain की और enter करती है।
Suture

suture एक प्रकार की Immovable joint होती है, जो केवल Cranium या Skull में ही पाई जाती है।

ये मुख्य निम्न प्रकार की होती है।

1. Coronal suture :- यह Frontal bone तथा Parietal bone के बीच स्थित होता है।

2. Sagittal suture :- यह suture दोनों Parietal bones के बीच स्थित

होता है।

3. Lambdoid suture :- यह दो Parietal bones तथा occipital bone के बीच स्थित होते हैं।

FACIAL BONES

facial bones संख्या में 14 होती है। ये मिलकर face का निर्माण करती है।

ये निम्नलिखित है-

1. Maxillary bones

  • यह संख्या में दो होती है, जो birth time से ही आपस में जुड़ी होती हैं
  • Maxillary bones मिलकर Upper jaw का निर्माण करती है।
  • ऊपरी Teeth इन्हीं bones के Socket में स्थित होते हैं।
  • यह एक Irregular shaped की bone है।

2. Mandible bones

  • यह Skull में पाये जाने वाली अकेली Movable bone अर्थात गतिशील होती है।
  • यह संख्या में दो तथा अन्य bones की तुलना में मजबूत bone होती है।
  • Mandible bones के पीछे एक Body स्थित होती है जिसमें से कई projection निकले होते हैं।
  • ये projection Body से मिलकर अन्य structure Ramus का निर्माण करती है।
  • ramus के बीच में notch स्थित होती है जिसे Mandibular notch कहते हैं।

3. Zygomatic bone

  • यह संख्या में 2 होती है।
  • इसे Cheek bone तथा Mallar bone भी कहते हैं।
  • इन bones से cheeks पर उभार (Prominent) दिखता है।
  • यह bone temporal bone से निकले Process के साथ जुड़कर Zygomatic Process बनाती है।

4. Lacrimal bones

  • यह संख्या में दो होती है।
  • यह face की सबसे small bone होती हैं।
  • यह Nasal bone के posterior तथा Lateral में स्थित होती हैं।
  • इन bones के मध्य में Nasolacrimal duct एक hole द्वारा enter करती है जो tears को nasal cavity में ले जाती है।

5. Nasal bones

  • ये संख्या में दो तथा flat bones होती है।
  • ये bones दोनों eyes के socket के बीच में स्थित होती है।
  • इनके द्वारा Nasal bridge का निर्माण होता है।

6. Vomer

  • यह triangular shape की bone होती है।
  • यह संख्या में एक होती है।
  • यह Nasal septum का part बनाती है।

7. Inferior nasal concha

  • ये bones nasal cavity का Lateral part बनाती हैं।
  • इनकी संख्या दो होती है।
  • इन्हें Turbinate bone भी कहते हैं।

8. Palatine bones

  • यह अंग्रेजी के अक्षर 'L' shape के समान दिखायी देती है।
  • यह संख्या में दो होती है।
  • यह bone Hard palate का Posterier part बनाती है।

Hyoid bone

  • यह bone घोड़े के नाल के समान दिखाई देने वाली bone है।
  • यह bones cervical के soft tissue में, layrnx के ऊपर तथा mandible bone के नीचे स्थित होती है।
  • यह bone किसी भी अन्य bone से जुड़ी नहीं होती है। अतः यह एक free bone है।  

Auditory ossicles

middle ear में तीन छोटी-छोटी bones पाई जाती हैं जिन्हें auditory ossicles कहते हैं। ये आपस में एक-दूसरे से सटी रहती है। इन bones का name इनके shape के अनुसार दिया गया है, जो निम्न प्रकार से है-

1. Malleus

यह Hammer के shape की bone है, जिसका apex Incus Bone से तथा Handle eardrum से जुड़ा होता है।

2. Incus

यह Anvil shaped की bone होती है, जो एक तरफ Malleus bone से तथा दूसरी ओर Stapes bone से जुड़ी होती है।

3. Stapes

यह body की सबसे small bone होती हैं यह Stirrup shape की होती है। इसका apex incus bone तथा Base Oval window से जुड़ा होता है।

sound wave से उत्पन्न vibration इन bones से inner ear तक पहुँचता है।

Sinuses

skeletal bones में अनेक cavity अथवा empty space होते हैं। इन empty space पर air भरी होती है। जिन्हें Air Sinuses कहते हैं। ये निम्नलिखित हैं-

  • frontal sinus - frontal bone के मध्य स्थित होते हैं।
  • maxillary sinus - यह nose के दोनों ओर maxillary bone में स्थित होते हैं।
  • ethmoid sinus - यह ethmoid bone के मध्य होते है।
  • sphenoid sinus - यह sphenoid bone के मध्य स्थित होते है।

Importance :- air sinus का main function facial bone के weight को कम करना है।